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हमारे प्रेरणास्रोत

श्री श्याम मोहन अग्रवाल

 पूर्व नगर प्रमुख, वाराणसी

संदेश

        हम सभी जानते हैं कि शिक्षा लोगों को आर्थिक रुप से स्वतन्त्र और आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। शिक्षा का अर्थ केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं है बल्कि शिक्षा, कला, खेल, भावनाएं, दृष्टिकोण, रचनात्मकता, प्रकृति एवं जीवन का एक सामंजस्यपूर्ण मिश्रण है। मुझे ज्ञात हुआ है कि विद्यालय के नवागत प्रधानाचार्य द्वारा विद्यालय की वेबसाइट बनाई गयी है जिसके माध्यम से विद्यालय में होने वाले पठन-पाठन, पाठ्य-सहगामी क्रियाकलापों तथा अन्य गतिविधियों को छात्रों, अभिभावकों, तथा समाज के अन्य प्रबुद्ध वर्ग के साथ साझा किया जा सकेगा। इस कार्य के लिये मैं प्रधानाचार्य को बधाई एवं आशीर्वाद देता हूँ। आज के दौर में जहाँ आनलाइन शिक्षा आवश्यक होती जा रही है इसमें यह वेबसाइट छात्रों के लिये ई-लर्निंग का माध्यम बनेगी। कुछ छात्रों को लेकर सन् 1866 में बाबू भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी द्वारा स्थापित यह विद्यालय आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुका है और इसकी सभी शाखाएं उत्कृष्ट शिक्षा से समाज को लाभान्वित कर रही हैं। हमेशा मेरी मान्यता रही है कि “उत्कृष्टता कभी भी दुर्घटना नहीं होती, यह हमेशा उच्च इरादे, ईमानदारी से किया गया प्रयास, और कुशल निष्पादन का परिणाम होती है” और ये शब्द हमारे इस विद्यालय की वर्तमान स्थिति का सबसे अच्छा वर्णन करते हैं।

        मैं अपना आशीर्वाद समस्त स्टाफ, छात्रों, अभिभावकों, तथा इस विद्यालय से जुड़े हुए सभी लोगों को देता हूँ और भगवान श्री गणेश से प्रार्थना करता हूँ कि आने वाली पीढ़ियों के लिये इस प्रतिष्ठित विद्यालय का नेतृत्व व मार्गदर्शन करते रहें।

 

श्याम मोहन अग्रवाल

पूर्व नगर प्रमुख, वाराणसी